बरसात व ओलावृष्टि के साथ तूफान ने मचाई तबाही

स्थानीय ब्लॉक की 20 से अधिक ग्राम पंचायतों में बृहस्पतिवार रात आंधी के साथ हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। इस दौरान खेतों में तैयार रबी की फसलें जहां पूरी तरह नष्ट हो गईं वहीं बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए। सैकड़ों की संख्या में बिजली के खंभे गिरने से पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।


 

ब्लॉक क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात ढाई बजे मौसम ने अचानक करवट ली। गहरी नींद में सो रहे लोग जब तक जागते तब तक तेज आंधी के साथ बारिश व ओलावृष्टि शुरू हो गई। आंधी से जहां सैकड़ों बिजली के खंभे टूटकर गिर पड़े वहीं बागों व सड़क किनारे मौजूद विशालकाय पेड़ भी जड़ से उखड़ गए। बिजली के खंभे टूटने व कई गांवों में ट्रांसफार्मर धराशायी होने से पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
छप्पर के मकान और टिनशेड उड़कर सौ से दो सौ मीटर दूर तक चले गए। ओलावृष्टि से खेत में मौजूद गेहूं व सरसों की फसल तबाह हो गई। गेहूं की बालियां टूटकर खेतों में बिछ गईं। सरसों भी खेतों में बिखर गई। आम के पेड़ों में लगे बौर, पपीते के पेड़ों पर लगे पत्ते और फल भी आंधी की भेंट चढ़ गए। प्रकृति का यह भयंकर प्रकोप एक घंटे से अधिक समय तक चला और इस दौरान लोग सहमे रहे।
सुबह तक नहीं गले ओले
ओलावृष्टि की दौरान पड़ने वाले ओले इस कदर बड़े थे कि उन्होंने प्रभावित कस्बों और गांवों में नालियों को चोक कर दिया। इस दौरान बाहर बंधे मवेशी भी चोटिल हो गए। ओलों का आकार बड़ा होने से कई गांवों में टिनशेड फट गए।
नष्ट हो गए सीआरपीएफ कैंप के हट
त्रिसुंडी स्थित सीआरपीएफ रिक्रूट कैंप में प्रशिक्षण के लिए दर्जनों हट (टिनशेड या छप्पर) बनाए गए थे। इनका उपयोग प्रशिक्षण के साथ प्रशिक्षार्थी आराम से बैठने के लिए करते थे। कैंप के उप कमांडेंट राजेश कुमार सिंह ने बताया कि रात आई आंधी व ओलावृष्टि में तकरीबन सभी हट नष्ट हो गए हैं।
केंद्र में रहीं यह ग्राम पंचायतें
अतिवृष्टि, ओलावृष्टि व आंधी ने जिन ग्राम पंचायतों में ज्यादा तबाही मचाई उनमें मंगरा, मवैया, बहादुरपुर, वासुदेवपुर, त्रिलोकपुर, आलमपुर, अग्रेसर, सोनारी, रामचंद्रपुर, रायपुर, गनीपुर, दुलहिनपुर, खरगीपुर, सांगापुर, पीपरपुर, नरबहनपुर, दुर्गापुर, खानापुर, छीड़ा, त्रिसुंडी शामिल रहे। क्षेत्र के अन्य दर्जनों गांवों में भी इसका आंशिक असर रहा।
सर्वेक्षण कर मांगी रिपोर्ट
अमेठी। एसडीएम योगेंद्र सिंह ने आंधी-तूफान के साथ अतिवृष्टि व ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही राजस्व अमले को सक्रिय किया एसडीएम ने भादर के राजस्व निरीक्षक व संबंधित गांवों के लेखपाल को तत्काल क्षेत्र में पहुंचकर संपूर्ण नुकसान का आकलन कर शाम तक रिपोर्ट देने को कहा। दोपहर बाद एसडीएम स्वयं कई गांवों में गए और नुकसान का जायजा लिया।
पशुशाला ढही, गाय की मौत
अतिवृष्टि व ओलावृष्टि के साथ आए तेज तूफान के दौरान अग्रेसर गांव में रतीपाल यादव और पृथ्वीपाल यादव की पशुशाला ढह गई। इससे एक गाय की मौत हो गई जबकि कई अन्य मवेशियों को मामूली चोट आई।
20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई
अमेठी। तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बृहस्पतिवार रात हुई अतिवृष्टि व ओलावृष्टि के बाद शुक्रवार अपराह्न दो बजे सोमपुर मनकंठ व इसके आसपास के कई गांवों में 20 मिनट तक सिर्फ ओलों की बरसात हुई। अचानक ओला पड़ता देख लोग सुरक्षित स्थानों पर दुबक गए। ओलों की बारिश से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
जिले में दिनभर होती रही रिमझिम बारिश
जिले के कई क्षेत्रों में जहां बृहस्पतिवार रात आंधी-तूफान व बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई वहीं शुक्रवार दिनभर पूरे जिले में रिमझिम बारिश होती रही। इससे पूरा जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।